कुछ दिन पहले मैं बिस्तर पर पड़े पड़े कुछ न्यूज देख रही थी अचानक एक न्यूज ने मेरा ध्यान खींचा। प्रियंका वाड्रा, अपने पिता राजीव की हत्या मी शामिल होने के चलते सजा काट रही नलिनी से जेल मे मिलने गई। रिपोर्टर्स तो तमाम कयास बाजी और रिपोर्ट्स के बाद चुप हो गए पर मैं सोचती रही।
इस न्यूज ने मुझे इतना न हिलाया होता अगर मैं ये न देखती की प्रियंका नलिनी के साथ बैठने के बाद देर तक रोती रही और फ़िर नलिनी और प्रियंका साथ साथ रोती रहीं। शायद ये वो दर्द है जो अभी तक नही निकल पाया होगा और प्रियंका का भी और नलिनी का भी।
शायद रोने से उस दर्द में कुछ कमी हुयी हो। रोने से जी हल्का हो जाता है न।
वो न्यूज देखते हुए और उसके बाद भी कई बार मैं भी बार बार रोई।
पता नही क्यों!
चाबुक
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*देहरी के पार, कड़ी -** 45*
*ईसीआई *यूनियन सचिव शिंदे और कुलकर्णी जी दादर ऑफिस पहुँगे. वहाँ कुछ पोस्टर
और एक पर्चा डिज़ाइन किए हुए मौजूद थे. वे दोनों पोस्टर ...
22 hours ago
